प्रत्येक माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पर बुधवार (5, oct) को मध्याह्न केन्द्रीय अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव डॉ अरूण पाण्ड़ा ने विड़ियो कॉफ्रेसिंग आयोजित कर चिकित्सा संस्थानो पर नियमित एएनसी के अतिरिक्त प्रत्येक माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित करने के निर्देश दिये। डॉ अरूण पाण्ड़ा ने विड़ियो कॉफ्रेसिंग में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की रिर्पोटिंग, मॉनिटंरिग एवं निजी चिकित्सको के रजिस्टे्रशन तथा शिकायत दर्ज करने हेतु निर्मित वैब पोर्टल के संबध मे विस्तार से जानकारी दी।safe-motherhood

उन्होंने बताया कि केन्द्र द्वारा शीघ्र ही एनएसएचआरसी के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पर आमुखीकरण हेतु कार्यशाला आयोजित की जायेगी। उन्होंने निजी चिकित्सकों एवं सेवानिवृत चिकित्सकों द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मे स्वैच्छिक निशुल्क सेवायें देने हेतु प्रोत्साहित करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। मिशन निदेशक एनएचएम श्री नवीन जैन ने बताया कि चिकित्सक निशुल्क सेवाये प्रदान करने के लिए वैब पोर्टल pmsma.nhp.gov.in पर रजिस्टर कर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मे अपनी भागीदारी निभा सकते है। इस पोर्टल के साथ-साथ केन्द्र द्वारा स्वैच्छिक रजिस्टर करने हेतु एसएमएस सेवाये, टोल फ्री न0 तथा सहायता केन्द्र विकसित किया गया है। स्वैच्छिक रजिस्टे्रशन करने वाले निजी चिकित्सको को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मे श्रेष्ठ निःशुल्क सेवाये प्रदान करने वालों को सम्मानित किया जायेगा।

श्री जैन ने बताया कि राजस्थान में अनुमानतः 19 लाख 60 हजार महिलाएं प्रत्येक वर्ष गर्भवती होती है। इनमें से 10 प्रतिशत (अनुमानतः 1.9 लाख) केसेज में जटिलताएं उत्पन्न होने की संभावना होती है। इन 1.9 लाख एएनसी में से 80 प्रतिशत प्रसूताओं को प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों  द्वारा समय पर पहचान कर उनका प्रबंधन किया जा सकता है जबकि शेष 20 प्रतिशत महिलाओंं को सी-सेक्शन एवं अन्य प्रसूति जटिलता प्रबंधन हेतु स्त्री रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है।

प्रदेश में 9 जून 2016 से राजस्थान में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व  अभियान का शुभारंभ किया गया। अगस्त 2016 तक 34 जिलो के 7 हजार 607 चिकित्सा संस्थनो पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व  अभियान आयोजित कर 1 लाख 81 हजार गर्भवती महिलाओं को लाभांवित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में निदेशक आरसीएच डॉ. वी.के. माथुर सहित संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया।